वैज्ञानिक तरीको का प्रयोग करते हुए वृक्षारोपण कार्य होगा -जिलाधिकारी


किशोर मोहन गुप्ता 


कानपुर नगर। जिलाधिकारी डॉ0 ब्रह्म देव राम तिवारी ने विकास भवन के सभागार में  गंगा याता आयोजन के सम्बन्ध में  बैठक करते हुए निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि "गंगा यात्रा" हेतु  नोडल विभाग के रूप में पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रो के लिए तथा शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निगम को नोडल विभाग नामित किया गया है जिसमें इस योजना के तहत 40 गावों में खेल के मैदानों,गंगा तालाबों का चिन्हीकरण करते हुए गांवों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा। गंगा किनारे के क्षेत्रों में वैज्ञानिक तरीको का प्रयोग करते हुए वृक्षारोपण कार्य कराया जायेगा।


जिसके तहत गंगा तट से 500 मीटर दूरी से तीन श्रेणियों मे वृहद वृक्षारोपण किया जाये जैसे  अर्जुन के पेड़, बॉस के पेड़  तथा फूलों के पेड़ लगवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण कराते हुए इस बात का विशेष ध्यान रहे कि  इन लगाए जाने वाले पेड़ो को सुरक्षित रखने हेतु ट्री  गार्ड अवश्य लगाया जाये।गंगा किनारे लगाए जाने वाले पेड़ो को किसानों को निशुल्क दिया जायेगा। विगत दिनों जो जनपद में वृक्षारोपण कराया गया था जिसके कितने पेड़ जीवित है के सत्यापन कराने के निर्देश दिये| इनके सत्यापन हेतु जिलाधिकारी ने एक कमेटी का गठन किया है जिसमें ज्वॉइन मजिस्ट्रेट आईएएस साईं तेजा, डी0एफ0ओ0 पर्यावरण, तीन ऐसे संगठनो को जोड़ने के लिए कहा जो गंगा संरक्षण हेतु कार्य कर रहे है तथा डी0 सी0 मनरेगा को सम्लित करने के  निर्देश दिये।



उक्त का सत्यापन जिलाधिकारी  द्वारा भी स्वयं  रेंडम किया  जायेगा| समस्त ग्राम में किए जाने वाले काया कल्प योजना के  तहत जो भी कार्य कराये गए है उनकी फीडिंग अवश्य करा ली जाए यदि 15 दिनों में उनकी फीडिंग नही कराई तो सम्बन्धित विभाग के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।


अभियान चला कर समस्त ग्रामो में स्वच्छता योजना के लिए जन जागरूकता बैठकों का आयोजन कर लोगो को  स्वच्छता के लिए जागरूक किया जाये तथा ग्रामों की सफाई भी करायी जाये। पालीथिन मुक्त अभियान के तहत जिन ग्रामो को पालीथिन मुक्त घोषित किया गया था उन ग्रामो में जिला स्तरीय अधिकारियों से पुनः जांच करायी जाये साथ ही ग्रामीणों को प्रतिबंधित पालीथिन का प्रयोग न करने हेतु जागरूक करते हुए जो व्यक्ति इसका प्रयोग करता मिले तो उनके खिलाफ कार्यवही भी  करने के निर्देश दिये। नदी के किनारे रात की रानी, बेला खुशबू  फैलाने वाले तथा पवित्र पेड़ लगाने के निर्देश दिये।



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