निशान साहब खालसा पंथ का परंपरागत प्रतीक -सरदार पतविंदर सिंह



  • निशान साहिब की सेवा में उत्साह, बोले सो निहाल..
  • सत श्रीअकाल, झूलते रहे निशान पंथ महाराज के..
कार्यालय संवाददाता 
प्रयागराज/नैनी गुरुद्वारा संगत ने गुरुद्वारा प्रांगण में निशान साहिब के वस्त्र बदलने की सेवा संगत द्वारा की गई इस अवसर पर गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से निशान साहिब के वस्त्र जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल, झूलते रहे निशान पंथ महाराज के गगनभेदी जयकारों के बीच बदला गया सरदार पतविंदर सिंह ने बताया कि गुरु पर्व के दौरान इसे दूध और पानी से पवित्र किया जाता है और केसरिया रंग के  नवीन ध्वज वस्त्र निशान साहिब जो धातु रचित ध्वज डड पर फहराया  केसरिया पृष्ठभूमि पर केंद्र में नीले रंग का खंडा अंकित है. निशान साहिब की मेजबानी कर रहे ध्वज डड के शिखर पर  डड मुकुट के रूप में खंडा  लगा है निशान साहिब खालसा पंथ का परंपरागत प्रतीक है काफी ऊंचाई पर रहने के कारण निशान साहिब को दूर से ही देखा जा सकता है शब्द कीर्तन, अरदास के बाद गुरु का प्रसाद वितरित किया गया.
श्री गुरु नानक देव जी ने सिख पंथ की जो नीव रखी उसी परंपरा में उस गद्दी पर विराजमान दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने देश व समाज के हालात को देखते हुए फैसला किया कि समाज में आई कुरीतियों व देश पर बाहर से आने वाले हमलावरों का मुकाबला करने के लिए एक ऐसी विचारधारा वाले पंच की संरचना की जाए जो हमलावरों को मुंहतोड़ जवाब दे सके लोगों में पुरुषार्थ पैदा हो ताकि वो आत्मसम्मान के साथ संत-सिपाही बनकर अकाल पुरख से भी जुड़े व अपने देश की रक्षा भी करें.
1699 की वैशाखी वाले दिनआनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की सृजना की तथा समाज के अलग-अलग जातियों के पाच प्यारे साजे जोअपना सीस गुरु चरणों में अर्पण करने के लिए तैयार हुए इन्हें अमृत छकाकर खालसा पंथ की सृजना की है और कहा खालसा मेरो रूप है खास, खालसे में हो करो निवासl
खालसा पंथ का सृजना दिवस वैशाखी पर्व पर नैनी गुरुद्वारा साहिब में बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार से मनाया जा रहा है.
सरदार पतविंदर सिंह ने संगतो के चरणों में विनती करते हुए कहा कि समय का विशेष ध्यान देते हुए समय से गुरुद्वारा पहुंचकर गुरबाणी पाठ का सिमरन कर,गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन में खुशियां प्राप्त करें.
निशान साहिब की सेवा में प्रमुख रूप से सुरेंद्र सिंह, ज्ञानी जसपाल सिंह, हरजीत सिंह ढींगरा, सतनाम सिंह, देवेंद्र अरोरा, जसपाल सिंह पारी, परमिंदर सिंह बंटी, चरनजीत सिंह, सत्यम हांडा, हरमन जी सिंह, सरदार पतविंदर सिंह सहित श्रद्धालु उपस्थित रहेl

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