विश्व मस्तिष्क दिवस 22 जुलाई 2022 पर विशेष

सभी के लिए मस्तिष्क स्वास्थ्य 

  • मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए संसाधनों, उपचार और पुनर्वास के लिए समान पहुंच आवश्यक.. 
  • मस्तिष्क की कई बीमारियों को जागरूकता अभियान चलाकर रोका जा सकता है..
  • मानसिक, सामाजिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है..

-किशन भावनानी 

सृष्टि ने में विचिरित 84 लाख़ योनियों में हालांकि सृष्टि रचयिता ने मस्तिष्क सभी को दिया है परंतु मानवीय योनि में जो मस्तिष्क की रचना की है वह अद्भुत कलाकृति ही नहीं उसके परिणामों में से एक, मानव की चांद तक पहुंच सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी सहित अनेक कुदरती महिमाओं के आर्टिफिशियल तक बनाकर उनकी बराबरी करने की कोशिश की जा रही है बस!! अब मानव शरीर में ऐसा क्या आता है और क्या निकल जाता है कि मानवीय जीव जीवन मृत्यु के घेरे में आ जाता है इसपर रिसर्च चल रहा है जिसमें मेरा मानना है कि मानवीय जीव कभी सफल नहीं होंगे इसलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उपलब्ध जानकारी के आधार पर उस अद्भुत कलाकृतिमानवीय मस्तिष्क के ऊपर विश्व मस्तिष्क दिवस 22 जुलाई 2022 पर्व के उपलक्ष में चर्चा करेंगे। 

शुक्रवार, 22 जुलाई को लंदन वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी (डब्ल्यूएफएन) 9वें वार्षिक विश्व मस्तिष्क दिवस की मेजबानी कर रहा है।डब्ल्यूएफएन को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस वर्ष की थीम ' ब्रेन हेल्थ फॉर ऑल' है। 

सर्वव्यापी विषय का उद्देश्य एक सार्वभौमिक प्रयास को बढ़ावा देना है जो सभी के लिए मस्तिष्क विकारों के बोझ को कम करने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेगा विश्व मस्तिष्क दिवस (डब्ल्यूबीडी) 2022 को सभी के लिए मस्तिष्क स्वास्थ्य विषय मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए समर्पित किया गया है क्योंकि हमारे मस्तिष्क को विश्व स्तरपर मानव अस्तित्व को प्रभावित करने वाली असंख्य बीमारियों से चुनौती दी जा रही है। 

मस्तिष्क में कई अरबों विद्युत तार होते हैं जिन्हें न्यूरॉन्स के रूप में जाना जाता है। यह दूरी पृथ्वी के चारों ओर एक पंक्ति में चार बार यात्रा के बराबर है!यह सोचा गया है कि मानव मस्तिष्क में लगभग एक सौ अरब न्यूरॉन्स हैं, इन न्यूरॉन्स के बीच लगभग दस खरब संबंध हैं जो हमें पढ़ने, लिखने, देखने, सीखने, समझने, महसूस करने, चलने और समस्याओं को दैनिक हल करने में मदद करते हैं। डब्ल्यूडीबी 2022 अभियान विश्व स्तर पर इन पांच प्रमुख संदेशों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके प्राथमिक स्तंभ जागरूकता, रोकथाम, वकालत, शिक्षा और पहुंच हैं। 

  1. जागरूकता-मानसिक सामाजिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए मस्तिष्क का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। 
  2. रोकथाम - मस्तिष्क की कई बीमारियों को रोका जा सकता है। 
  3. समर्थन - इष्टतम मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है। 
  4. शिक्षा - शिक्षा सभी के लिए मस्तिष्क स्वास्थ्य की कुंजी है। 
  5. पहुंच- मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए संसाधनों, उपचार और पुनर्वास के लिए समान पहुंच आवश्यक है।  
हम यह दिवस मनाने के उद्देश्यों की करें तो, हर साल, पर 22 जुलाई को मल्टिपल स्क्लेरोसिस के बारे में प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व मस्तिष्क दिवस मनाया जाता है। मल्टीपल स्केलेरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो मस्तिष्क और रीढ़ को प्रभावित करती है। मल्टीपल स्केलेरोसिस रीढ़ और मस्तिष्क को प्रभावित करता है। 

विश्व मस्तिष्क दिवस इस स्थिति के शीघ्र निदान की सिफारिश करता है ताकि रोगी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। मल्टीपल स्केलेरोसिस मस्तिष्क और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच संचार को बाधित करता है। इस स्थिति में माइलिन, तंत्रिका तंतुओं के चारों ओर एक सुरक्षात्मक परत, पर प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा हमला किया जाता है। इसके कारण सूजन और अस्थायी घावों हो जाते हैं। 

डब्ल्यूएफएन के अनुसार, मल्टीपल स्केलेरोसिस एक दुर्बल करने वाली न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जो किसी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है, जिसमें संज्ञानात्मक हानि से लेकर शारीरिक विकलांगता तक के प्रभाव होते हैं। 

रोग-संशोधित उपचारों द्वारा मल्टीपल स्केलेरोसिस की प्रगति को धीमा किया जा सकता है। इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर धुंधला दिखाई देने और अंगों में सुन्नता और झुनझुनी आने से शुरू हो सकते हैं और फिर अंत में आंखों की रौशनी जाने के साथ व्यक्ति में शारीरिक समस्याएं शुरू हो जाती हैं। भारत में भी यह बीमारी काफी देखी जातीहै।

न्यूरोलॉजिस्ट की संख्या में आई वृद्धि और एमआरआई सुविधाओं की आसान और सस्ती उपलब्धता की वजह से अब इस बीमारी का पता चलने लगा है। इस बीमारी का लक्षण हर व्यक्ति में अलग होता है। 

कुछ लोगों में लक्षण नहीं दिखता है, जबकि कुछ में ये लक्षण गंभीर दिखाई देते हैं जैसे कि आंखों की रौशनी से जुड़ी समस्याएं, झुनझुनी और सुन्नता, दर्द और ऐंठन, थकान और कमज़ोरी, संतुलन से जुड़ी समस्याएं, चक्कर आना, मूत्राशय, आंत्र की बीमारी, यौन बीमारी आदि शामिल होती हैं। इस वक्त हमारे पास इसका कोई इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं और अन्य इलाजों से लक्षणों का इलाज करना संभव है। 

विश्व मस्तिष्क दिवस के सह-अध्यक्ष ने समझाया हैं, मस्तिष्क संबंधी विकार दुनिया भर में अरबों लोगों को प्रभावित करते हैं और विकलांगता का प्रमुख कारण हैं। बेहतर मस्तिष्क स्वास्थ्य एक स्वस्थ मस्तिष्क को बनाए रखने और मानवता के लिए मस्तिष्क की महत्वपूर्ण भूमिका की वैश्विक समझ को बनाए रखने के बारे में जागरूकता के साथ शुरू होता है। 

बात अगर हम इस दिवस को मनाने के इतिहास की करें तो, वार्षिक विश्व मस्तिष्क दिवस 22 जुलाई को होता है और हर साल एक अलग विषय के लिए समर्पित होता है। तारीख का चुनाव कोई संयोग नहीं था, डब्ल्यूएफएन की स्थापना 22 जुलाई 1957 को हुई थी। अब, अपने अस्तित्व के 65वें वर्ष में, डब्ल्यूएफएन मस्तिष्क संबंधी सभी विकारों से लड़ने के अपने वर्ष 2022 प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और यह पहचान दिला रहा है कि वे कितने केंद्रित हो सकते हैं। 

एक महत्वपूर्ण तथ्य है, विश्व मस्तिष्क दिवस मस्तिष्क स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता बढ़ाने और पक्ष समर्थन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। 22 जुलाई 2014 को, वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी ने पहला विश्व मस्तिष्क दिवस शुरू किया, अपनी 123 राष्ट्रीयन्यूरोलॉजिकल सदस्य समितियों के समर्थन से, वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी दुनिया के कम-संसाधन वाले क्षेत्रों पर जोर देते हुए, न्यूरोलॉजिकल शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देकर दुनिया भर में गुणवत्ता वाले न्यूरोलॉजी और मस्तिष्क स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विश्व मस्तिष्क दिवस 22 जुलाई 2022 को उत्साह से मनाया जा रहा है सभी के लिए मस्तिष्क स्वस्थ जरूरी है! मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए संसाधनों उपचार और पुनर्वास के लिए समान पहुंच आवश्यक है। मस्तिष्क की कई बीमारियों को जागरूकता अभियान चलाकर रोका जा सकताहै जो मानसिक, सामाजिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

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