108 वाहन के जोनल मैनेजर के खिलाफ पायलटों ने खोला मोर्चा

जोनल मैनेजर के 350 किलोमीटर गाड़ी चलाने के हिटलरी दबाव से त्रस्त पायलट हुए लामबंद, जोनल अधिकारी को हटाने की मांग पर अड़े

सिंगरौली। प्रसूति महिलाओं व आपातकालीन मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचा कर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई जननी एक्सप्रेस व 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था पर  संविदा एजेंसी ग्रहण बन रहा है।

जिलेवासियों को सही समय पर मेडिकल सुविधा मिले इसके लिए शासन ने प्रति एम्बुलेंस को 350 किलोमीटर तक रनिंग की व्यवस्था की है लेकिन संविदा एजेंसी शासन के इस व्यवस्था को अपनी बेहतरीन कमाई का अवसर देख पायलटो पर दबाव बना कर फर्जी कॉल के माध्यम से मरीजों को  चिकित्सालय पहुंचाने का फर्जी रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है शासकीय अप्रूव रनिंग  350 किलोमीटर को इनकम में बदलने संविदा एजेंसी का जोनल मैनेजर पायलटो पर भारी दबाव बना रहा है और मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रहा है इसका खुलासा स्वयं पायलटो ने किया। संविदा एजेंसी द्वारा शासन को  लाखों रुपये का चपत लगाने का किये जा रहे प्रयास की हो रहे भ्रष्टाचार का जननी व एम्बुलेंस के स्वयं पायलटो ने उजागर व   पुस्टि किया और एजेंसी के  हिटलरीशाही दबाव के खिलाफ मोर्चा खोल जोनल मैनेजर को  हटाने की मांग पर अड़ गए। लामबंद पायलटो ने जिला चिकित्सालय पहुंच सांकेतिक प्रदर्शन कर संचालक  एजेंसी के कारनामों का काला चिट्ठा खोला है। गौरतलब हो कि जननी एक्सप्रेस वे 108 एम्बुलेंस  का सिंगरौली जिले में संचालन का कार्यभार संभाल रही संविदा एजेंसी जय अम्बे सर्विसेज कंपनी के जोनल मैनेजर  द्वारा पायलटों पर 350 किलोमीटर प्रतिदिन ऐन केन प्रकारेण वाहन चलाने का  दबाव दिए जाने व किलोमीटर में गोलमाल करने की अपुष्ट  इसके पहले तक खबरें आती रही है। लेकिन गत दिवस पायलटों ने जिला चिकित्सालय में सांकेतिक  प्रदर्शन कर संविदा एजेंसी व जोनल मैनेजर के काले कारनामों को मीडिया के सामने उजागर कर पूर्व में किये गए व किये जा रहे  भ्रष्ट कारगुजारियों की खबरों को पुष्टि कर दिया। लामबंद पायलटों ने खुलासा किया कि 350 किलोमीटर गाड़ी चलवाने के लिए  जोनल मैनेजर द्वारा मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता है। चालकों का आरोप है कि जब मरीजों द्वारा रजिस्ट्रेशन नही होगा तो वह कहां से और कैसे रजिस्ट्रेशन कराकर बेवजह गाड़ी दौड़ाएंगे। लेकिन शासन से 350 किलोमीटर के नाम पर जारी होने वाली राशि को वसूलने के लिए जोनल मैनेजर द्वारा पायलट, आशा व आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओ पर दबाव बनाया जा रहा है।


संविदा एजेंसी व पायलटों दोनों चांदी


संविदा एजेंसी द्वारा 300- 350 किलोमीटर प्रतिदिन गाड़ी चलाने के नाम पर संविदा पर तो फर्जीवाड़ा तो किया जा रहा है। साथ ही जननी व एम्बुलेंस पायलट भी कमाई के मामले में कम नही है। बताया गया कि अस्पताल में भर्ती मरीज को उनके घर तक पहुंचाने के नाम पर पायलट भी अलग से किराया वसूल रहे हैं। पायलटो द्वारा पैसा नही मिलने की वजह से कई मरीजो को उनके घर से लाने व नही छोडऩे के कई मामलों का खुलासा हो चुका है। कुल मिलाकर प्रदेश सरकार की आमजन को दी गयी बेहतरीन व्यवस्था को जननी एक्सप्रेस वे 108 एम्बुलेंस संचालक संविदा एजेंसी व उसके पायलटो द्वारा भारी गोल माल किया जा रहा है। लोगों ने उक्त फर्जीवाड़े पर जिम्मेदरों का ध्यान आकृष्ट कराया है।


350 किलोमीटर गाड़ी चलाने का क्या है खेल


बताते चले कि जिले में चल रही जननी व एम्बुलेंस को  जिले की जनता की सुविधा के लिए प्रतिदिन अधिकतम 350 किलोमीटर तक रनिंग के  भुगतान की व्यवस्था प्रदेश सरकार द्वारा की गई है। लेकिन व्यवस्था को कैसे कमाई का जरिया बनाया जाय इस पर संविदा एजेंसी ने अपना दिमाग लगाया और तेज तर्रार जोनल मैनेजर की नियुक्ति कर फ र्जी तरीके से  गाड़ी दौड़ाने डाटा तैयार कर शासन से डीजल व अन्य एक्सपेंस के नाम पर लाखों रुपये उगाही कर रहे हैं। नाम ना छापने की शर्त पर कुछ पायलटों ने बताया कि प्रतिदिन 350 किलोमीटर एम्बुलेंस चलाने के दबाव की वजह से दूरस्थ गांवों से फोन कॉल कराकर फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। कॉल के आधार पर मरीज के गांव से जिला चिकित्सालय या अन्य चिकित्सालय की दूरी आन लाइन रजिस्टर्ड हो जाती है। फ र्जी काल मामले में मरीज को लेने एम्बुलेंस जाता है नही है। लेकिन कॉल की वजह से विभाग में किलोमीटर की दूरी फीड हो जाता है और एजेंसी का 350 किलोमीटर प्रति एम्बुलेंस चलवाने का कोरम पूरा हो जाता है और शासन से वसूली का कोरम पूरा हो जाता है। अपने लक्ष्य को पूरा करने जोनल मैनेजर जहां पायलटो पर बेजा दबाव बनाता है वहीं आशा व आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओ पर भी दबाव बनाकर फर्जी फोन कॉल से रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। 350 किलोमीटर जननी व एक्सप्रेस को चलाने के नाम पर लंबे से चले रहे फर्जीवाड़े का पुष्टि स्वयं चालको ने आंशिक प्रदर्शन कर किया।


इनका कहना:-

पायलट क्यो हड़ताल कर रहे हैं । इसपर मै कुछ बोलना नही चाहता हूँ। यदि मेरे से कोई दिक्कत हो रही है तो मै यहां से चला जाउंगा।

अरूण चौधरी

जोनल मैनेजर

108 एवं जननी वाहन, सिंगरौली


इनका कहना:-

ऐसी हमारी यहां तक कोई शिकायत नही मिली है। यदि शिकायत मिलती है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उक्त वाहन प्राईवेट सेक्टर से हैं। पायलटों का इसू क्या था। मुझे नही मालूम है।

डॉ. एनके जैन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,जिला सिंगरौली

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